दोस्तों हम जानाते है, की ये चार दीन की जिंदगी है, चार दीन की जिंदगी में, इंसान को जिमेदरीया होती है ... पहिले शिक्षा, नोकरी, परिवार की जिमेदरी, इस भागदौड की जिंदगी में, इंसान कुद के बरे में, खुद की खुशी की बरे मैं भुल जाता है...!! जिंदगी में हमेशा छोटी छोटी बातो मैं खुशिया लेना आना चाहिए, काम करना ही है जिंदगी भर, हसती खिलती जिंदगी हमेशा जिना चाहिए, हमारे उपर काफि जिम्मेदारी होती है परिवार की खुशी का भी देखना पडता हैं,तो इसी सारी जिम्मेदारी मे, खुुद को भूल जाता हैं, तो इंसान नें ये जिम्मेदारी लेते हुये अपनी खुशी के लिये भी सोचना चाहिए.....!! उसके लिये सिर्फ हमारी वानी मधुर होनी चाहिए, हमारे मुह से जैसी वाणी बहर आयेगी, हमें वैसा फल मिलेगा, अगर हम लोगो से प्यार से बात करेंगे तो हमे भी लोग प्यार से बात करने वाले मीलेंगे अगर हमारी वाणी कडवि हैं,तो बदले मे हमें भी वैसी ही वाणी मिलेगी, जैसा करोगे, मिलेगा वैस ही.... पैसा ही सारी चिझे नाही होता, समाधान भी होना चाहिए जीवन में, वरणा जीवन व्यार्थ हैं.... अगर आप के पास बहुत पैसा हैं.. लेकीन एक सुकुन की जिंदगी नही तो उसका कोई फायदा न...
This is very corrageous for me.. .Good
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